ग्राउंड फोर्स के बिना ईरान में 'रेजिम चेंज' असंभव, US-इजरायल का मकसद होगा फेल

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News18•02-03-2026, 11:32
ग्राउंड फोर्स के बिना ईरान में 'रेजिम चेंज' असंभव, US-इजरायल का मकसद होगा फेल
- •मार्च 2026 में US-इजरायल के हवाई हमले ईरान के नेतृत्व, परमाणु स्थलों और सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं, लेकिन जमीनी बलों की कमी है.
- •सैन्य विश्लेषण बताता है कि ईरान जैसे बड़े देश में शासन परिवर्तन केवल हवाई शक्ति से सफल होने की संभावना नहीं है.
- •इराक (2003) और अफगानिस्तान (2001) जैसे ऐतिहासिक उदाहरण बताते हैं कि जमीनी बल क्षेत्रीय नियंत्रण और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं.
- •लीबिया (2011) ने दिखाया कि केवल हवाई अभियान से जमीनी स्थिरीकरण के बिना अस्थिरता और गृहयुद्ध होता है.
- •जमीनी सैनिकों के बिना, US-इजरायल की रणनीति से लंबे समय तक गतिरोध, प्रॉक्सी वृद्धि और क्षेत्रीय अस्थिरता का खतरा है, जिससे शासन परिवर्तन असंभव हो जाता है.
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