
सुप्रीम कोर्ट आस्था और मौलिक अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करेगा, यह जांच करते हुए कि क्या व्यक्तिगत कानूनों को मौलिक अधिकारों की कसौटी पर परखा जा सकता है।
अर्ध कुंभ 2027 से पहले हरिद्वार में मांस की दुकानों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले की साधु-संतों द्वारा सराहना की जा रही है, जो अन्य धार्मिक स्थलों पर भी इसी तरह के प्रतिबंधों की मांग कर रहे हैं।
हाँ, सुप्रीम कोर्ट की नौ-न्यायाधीशों की पीठ 7 अप्रैल, 2026 को उन मामलों की सुनवाई शुरू करेगी जो धार्मिक स्थलों तक महिलाओं की पहुँच को प्रभावित कर सकते हैं।