भद्राचलम का रहस्य: दक्षिण की अयोध्या और वैकुंठ राम का दिव्य धाम
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दक्षिण की अयोध्या: भद्राचलम मंदिर में शंख-चक्र के साथ विराजते हैं वैकुंठ राम, जानें इतिहास.
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News18•23-02-2026, 13:08
दक्षिण की अयोध्या: भद्राचलम मंदिर में शंख-चक्र के साथ विराजते हैं वैकुंठ राम, जानें इतिहास.
•तेलंगाना में स्थित भद्राचलम धाम, जिसे 'दक्षिण की अयोध्या' कहा जाता है, अयोध्या मंदिर की चर्चाओं के बीच महत्वपूर्ण हो गया है.
•यहां भगवान राम धनुष-बाण के साथ-साथ शंख और चक्र धारण किए हुए अद्वितीय रूप में विराजमान हैं, जिन्हें 'वैकुंठ राम' या 'राम नारायण' के रूप में पूजा जाता है.
•पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान विष्णु ने त्रेता युग में राम द्वारा किए गए वादे को पूरा करने के लिए ऋषि भद्र की तपस्या से प्रसन्न होकर यह चतुर्भुज रूप धारण किया था.
•मंदिर के आधुनिक निर्माण का श्रेय 17वीं सदी के भक्त कंचेरला गोपन्ना, जिन्हें 'भक्त रामदास' के नाम से जाना जाता है, को दिया जाता है, जिन्होंने सरकारी खजाने का उपयोग किया और 12 साल जेल में बिताए.
•लोककथाओं के अनुसार, भगवान राम और लक्ष्मण ने स्वयं सुल्तान को सोने के सिक्के देकर भक्त रामदास को जेल से मुक्त कराया था, जो मंदिर के गहरे आध्यात्मिक महत्व और सांप्रदायिक सद्भाव को दर्शाता है.