इंदौर के 'स्वच्छ शहर' का दर्जा खतरे में, केंद्रीय रिपोर्ट में 67% पानी पीने योग्य नहीं.

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News18•04-01-2026, 16:55
इंदौर के 'स्वच्छ शहर' का दर्जा खतरे में, केंद्रीय रिपोर्ट में 67% पानी पीने योग्य नहीं.
- •केंद्रीय रिपोर्ट के अनुसार, भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में 67% पानी के नमूने पीने योग्य नहीं पाए गए.
- •जल शक्ति मंत्रालय की 'स्टेट रिपोर्ट 2024' बताती है कि इंदौर का केवल 33% पानी ही पीने योग्य है, जो राष्ट्रीय औसत का आधा है.
- •मध्य प्रदेश में पानी की गुणवत्ता गंभीर चिंता का विषय है, राज्य का 37% पानी पीने के अयोग्य है और केवल 63% परीक्षण पास कर पाया.
- •इंदौर में 'विषैले पानी' से 10 मौतें और 1,100 बीमारियाँ होने के बाद यह रिपोर्ट आई है, जिसके चलते दो अधिकारियों को बर्खास्त किया गया.
- •जुलाई से अक्टूबर 2024 के बीच E. coli, टोटल कोलीफॉर्म और pH स्तर के लिए पानी के नमूनों का परीक्षण किया गया था.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: केंद्रीय रिपोर्ट ने इंदौर में गंभीर जल संकट उजागर किया, 'स्वच्छ शहर' के दर्जे पर सवाल.
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