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भारत को AI की सामाजिक लागतों का सामना करना होगा: नौकरियों और समाज के लिए एक बड़ी चुनौती.
M
Moneycontrol
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05-03-2026, 11:12
भारत को AI की सामाजिक लागतों का सामना करना होगा: नौकरियों और समाज के लिए एक बड़ी चुनौती.
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AI को तेजी से अपनाने से संभावित सामाजिक लागतों, विशेषकर श्रम विस्थापन, को नजरअंदाज किया जा रहा है.
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भारत की विशाल युवा आबादी (35 वर्ष से कम 800 मिलियन) और अनौपचारिक श्रम बाजार को AI से नौकरी में बड़े व्यवधान का खतरा है.
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AI से दक्षता लाभ विनिर्माण और सेवाओं में बड़े पैमाने पर कार्यबल युक्तिकरण का कारण बन सकता है.
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नीति निर्माताओं को राष्ट्रीय कार्यबल संक्रमण ढांचा विकसित करने, नियामक क्षमता बढ़ाने और व्यापक मानव पूंजी में निवेश करने की तत्काल आवश्यकता है.
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शिक्षा और कौशल पाइपलाइन वर्तमान में अप्रस्तुत है, और पारंपरिक IT मॉडल पहले से ही जनरेटिव AI से दबाव महसूस कर रहे हैं.
Moneycontrol पर अंग्रेज़ी में पूरा लेख पढ़ें
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