भारत का AI भविष्य मजबूत बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर, केवल ऐप्स पर नहीं

कृत्रिम बुद्धिमत्ता
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Moneycontrol•21-01-2026, 12:04
भारत का AI भविष्य मजबूत बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर, केवल ऐप्स पर नहीं
- •भारत का AI भविष्य संप्रभु क्लाउड आर्किटेक्चर, ऑर्बिटल कंप्यूटिंग एरे और डोमेन-विशिष्ट एज सिलिकॉन जैसे मजबूत बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर निर्भर करता है.
- •वर्तमान AI एप्लिकेशन अक्सर 'थिन रैपर' होते हैं जिनमें रक्षात्मक बौद्धिक संपदा की कमी होती है, जिससे वे मूलभूत मॉडल प्रदाताओं के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं.
- •भारत दुनिया का सबसे बड़ा डेटा उत्पादक है लेकिन डेटा प्रोसेसिंग के लिए विदेशी इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहुत अधिक निर्भर करता है, जिससे रणनीतिक भेद्यता और 'क्लाउड टैक्स' होता है.
- •Kluisz.ai, TakeMe2Space और Netrasemi जैसी कंपनियां क्रमशः क्लाउड डेटा, ऑर्बिटल डेटा सेंटर और एज AI चिप्स के लिए स्वदेशी समाधान बना रही हैं.
- •बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश भारत की डिजिटल संप्रभुता और आर्थिक लचीलेपन के लिए एक दीर्घकालिक रणनीति है, जो सोने की भीड़ के दौरान 'पिक्स एंड शॉवेल्स' दर्शन के समान है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत को डिजिटल संप्रभुता और आर्थिक लचीलेपन के लिए स्वदेशी AI बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को प्राथमिकता देनी चाहिए.
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