भारतीय स्वास्थ्य सेवा में निजी इक्विटी का प्रभाव: सुरक्षा उपायों वाले बाजारों में निवेश
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भारतीय स्वास्थ्य सेवा में निजी इक्विटी: नियामक सुरक्षा उपायों की आवश्यकता
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Moneycontrol•17-02-2026, 13:14
भारतीय स्वास्थ्य सेवा में निजी इक्विटी: नियामक सुरक्षा उपायों की आवश्यकता
•भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में निजी इक्विटी (PE) निवेश तेजी से बढ़ा है, जिसमें वैश्विक और घरेलू निवेशकों द्वारा हजारों करोड़ रुपये लगाए गए हैं.
•सह्याद्री हॉस्पिटल्स का मामला तेजी से वित्तीयकरण को दर्शाता है, जहां छह साल में अस्पताल तीन बार ऊंचे मूल्यांकन पर बेचा गया.
•अंतर्राष्ट्रीय साक्ष्य बताते हैं कि PE स्वामित्व से लागत बढ़ सकती है, प्रक्रियाओं की संख्या बढ़ सकती है, आक्रामक बिलिंग हो सकती है और ऋण-संचालित अधिग्रहण रोगी देखभाल को प्रभावित कर सकते हैं.
•भारत उच्च जेब खर्च, असमान बीमा और कमजोर उपभोक्ता सुरक्षा के कारण अधिक संवेदनशील है, जिससे स्वास्थ्य सेवा एक निष्कर्षण उद्योग बनने का जोखिम है.
•सुझाए गए सुरक्षा उपायों में लीवरेज्ड बायआउट पर प्रतिबंध, मूल्य बैंड अनिवार्य करना, आवश्यक सेवाओं को सुरक्षित करना, PE स्वामित्व का पारदर्शी प्रकटीकरण और सार्वजनिक अस्पतालों को मजबूत करना शामिल है.