केंद्रीय बजट 2026-27: सार्वजनिक पूंजीगत व्यय की गति को निजी पूंजी में बदलना

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Moneycontrol•28-01-2026, 15:48
केंद्रीय बजट 2026-27: सार्वजनिक पूंजीगत व्यय की गति को निजी पूंजी में बदलना
- •आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 का ध्यान सार्वजनिक पूंजीगत व्यय की प्रभावशीलता से हटकर इसकी गति को स्थायी निजी और विदेशी निवेश में बदलने पर है.
- •दीर्घकालिक निवेशक पाइपलाइन के आकार के बजाय परियोजना की तैयारी, स्पष्ट नियामक अनुमोदन और केंद्र तथा राज्य स्तरों के बीच सुसंगत निष्पादन को प्राथमिकता देते हैं.
- •देरी और नियामक अस्पष्टता जैसे गैर-बाजार जोखिमों को कम करना महत्वपूर्ण है; पूंजीगत व्यय दक्षता ढांचा (CEEF) और मजबूत सिंगल-विंडो क्लीयरेंस अपेक्षित हैं.
- •कराधान में स्थिरता, कम विवाद और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए सरलीकृत अनुपालन पूंजी बाजार के विश्वास को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं.
- •निवेश के लिए प्रमुख क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, रक्षा विनिर्माण और उन्नत स्वच्छ-ऊर्जा प्रौद्योगिकियां शामिल हैं, जिसमें MSME को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बजट को दीर्घकालिक निजी और विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए पूर्वानुमेयता, निष्पादन और नीतिगत निरंतरता पर ध्यान देना चाहिए.
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