अरावली में 1,230 से अधिक खनन पट्टे सक्रिय होने के चलते पहाड़ खोखले हो गए हैं.
जयपुर
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News1828-12-2025, 07:27

अरावली पर खनन संकट: 10,000 से अधिक खदानें पर्यावरण ढाल को खतरे में डाल रही हैं, अभियान तेज.

  • राजस्थान की अरावली पर्वतमाला 10,060 से अधिक सक्रिय खनन पट्टों से गंभीर खतरे में है, जिसमें अरावली क्षेत्र में 17,393 हेक्टेयर में 1,230 पट्टे शामिल हैं.
  • नए पट्टों पर केंद्र सरकार के प्रतिबंध के बावजूद मौजूदा पट्टों पर खनन जारी है, जिससे अपरिवर्तनीय पर्यावरणीय क्षति हो रही है.
  • पर्यावरणीय प्रभाव में खोखले पहाड़, वन आवरण में कमी, बाधित जल निकासी और भविष्य में पानी की कमी व भूमि क्षरण की संभावना शामिल है.
  • राजसमंद (540+ पट्टे) और उदयपुर (6,084 हेक्टेयर प्रभावित) जैसे जिले व्यापक खनन कार्यों से बुरी तरह प्रभावित हैं.
  • कांग्रेस पार्टी ने 'अरावली बचाओ जन जागरूकता' अभियान शुरू किया है, जिससे प्राचीन पर्वत श्रृंखला की रक्षा के लिए राजनीतिक और सामाजिक दबाव बढ़ गया है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अरावली में व्यापक खनन इसके पारिस्थितिकी तंत्र को खतरे में डाल रहा है, जिससे तत्काल कार्रवाई की मांग है.

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