भीलवाड़ा का 473 साल पुराना दूधाधारी मंदिर: मेवाड़ में वृंदावन का अनुभव, जानें चमत्कारिक इतिहास.

भीलवाड़ा
N
News18•26-12-2025, 09:35
भीलवाड़ा का 473 साल पुराना दूधाधारी मंदिर: मेवाड़ में वृंदावन का अनुभव, जानें चमत्कारिक इतिहास.
- •भीलवाड़ा के सांगानेरी चौराहा स्थित श्री दूधाधारी मंदिर 473 साल पुराना (विक्रम संवत 1609) निम्बार्क संप्रदाय का केंद्र है.
- •इसका आधुनिक स्वरूप वृंदावन के 'प्रेम मंदिर' की तर्ज पर बना है, जो मेवाड़ में ब्रजभूमि का अनुभव कराता है.
- •मंदिर का नाम 'दूधाधारी' ठाकुरजी महाराज द्वारा भक्त के सामने सीधे दूध पीने के चमत्कार से पड़ा.
- •मुगल काल में मूर्तियों को छिपाकर रखा गया था; गुरु के सपने के बाद इसे 'प्रेम मंदिर' जैसा भव्य रूप दिया गया.
- •सर्दियों में ठाकुरजी को गुनगुने पानी से स्नान, ऊनी वस्त्र, सिगड़ी और गाजर का हलवा जैसे गर्म भोग लगाए जाते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भीलवाड़ा का प्राचीन दूधाधारी मंदिर, 'प्रेम मंदिर' की प्रतिकृति, चमत्कारिक इतिहास और वृंदावन की भावना को जोड़ता है.
✦
More like this
Loading more articles...





