मुस्कान परमार का लक्ष्य आईएएस अधिकारी बनना है और वह अपने पिता, एक सैनिक से प्रेरित है। उनका मानना है कि पुनरीक्षण और अनुशासन सफलता की कुंजी हैं।
किशनगढ़ बास खेल स्टेडियम के अधूरे निर्माण के कारण मुस्कान को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस देरी के चलते राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक मुस्कान को सड़कों और खेतों में अभ्यास करना पड़ रहा है।
प्रदान किए गए स्रोतों में यह जानकारी नहीं है कि पिता की सेवा ने आईएएस की भूमिका को प्रभावित किया।