
हनीट्रैप के शिकार लोगों की पहचान उन्हें प्रेम जाल में फंसाकर और फिर किसी निजी स्थान पर बुलाकर की जाती है। इसके बाद, अपराधी नकली पुलिस बनकर पैसे ऐंठने जैसी तरकीबें अपनाते हैं।
दिए गए स्रोत हनीट्रैप से बचाव के सुझाव प्रदान नहीं करते हैं।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर, यह अनुमान लगाना संभव नहीं है कि झुंझुनू में और हनीट्रैप के मामले सामने आएंगे या नहीं।