
ईशक़पुरा हत्याकांड की साजिश पुरानी दुश्मनी के कारण रची गई थी। मुख्य आरोपी घटना से ठीक 20 दिन पहले जेल से रिहा हुआ था।
पुलिस ने हत्या के संदिग्धों को विभिन्न तरीकों से खोज निकाला, जिनमें गुप्त सूचना, निगरानी और डिजिटल पदचिह्नों का पता लगाना शामिल था।
हाँ, कानपुर किडनी प्रत्यारोपण रैकेट मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर की हत्या के मामले में, एक और आरोपी फरार है और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की उम्मीद है।