जोधपुर में महिला का देहदान और नेत्रदान: परिवार ने कहा 'दोहरा मोक्ष' मिलता है.

जोधपुर
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News18•11-01-2026, 13:39
जोधपुर में महिला का देहदान और नेत्रदान: परिवार ने कहा 'दोहरा मोक्ष' मिलता है.
- •पाली निवासी 40 वर्षीय नीता कोका ने जोधपुर के एसएन मेडिकल कॉलेज में इस साल का पहला देहदान किया.
- •उनके परिवार ने पहले उनके नेत्रदान किए, जिससे दृष्टिहीन व्यक्तियों को नई रोशनी मिलने की संभावना बनी.
- •परिवार की सहमति से किया गया देहदान हजारों मेडिकल छात्रों और शोध डॉक्टरों के लिए सहायक होगा.
- •प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने मेडिकल शिक्षा के लिए देहदान के महत्व पर जोर दिया, जिससे छात्र मानव शरीर रचना का अध्ययन कर सकें.
- •परिवार का मानना है कि पारंपरिक दाह संस्कार की तुलना में देहदान 'दोहरा मोक्ष' प्रदान करता है, जो दूसरों को प्रेरित करता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नीता कोका के परिवार का देहदान और नेत्रदान का निर्णय समाज और चिकित्सा शिक्षा के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है.
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