माहेश्वरी विरासत: 400 साल पुरानी बहियों में 1200 वर्षों का इतिहास कैद.

जोधपुर
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News18•11-01-2026, 10:08
माहेश्वरी विरासत: 400 साल पुरानी बहियों में 1200 वर्षों का इतिहास कैद.
- •माहेश्वरी समाज में महत्वपूर्ण घटनाओं को बहियों में दर्ज करने की एक समृद्ध परंपरा रही है.
- •ये 400 साल पुरानी बहियां समाज के इतिहास और परंपराओं को संरक्षित करने वाली जीवित विरासत मानी जाती हैं.
- •समाज की उत्पत्ति राजा सुजान कंवर से मानी जाती है, जिनके वंशज भगवान शिव द्वारा जीवन बहाल करने के बाद 'माहेश्वरी' कहलाए.
- •इन अभिलेखों में कोठारी, हेड़ा और कानकानी सहित सभी 72 माहेश्वरी गोत्रों की 1200 वर्षों की सामाजिक जानकारी दर्ज है.
- •अपनी सदियों पुरानी उम्र के बावजूद, इन बहियों की स्याही और कागज अच्छी तरह से संरक्षित हैं, जो प्राचीन लेखन तकनीकों को दर्शाते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: माहेश्वरी समाज की 400 साल पुरानी बहियां 1200 वर्षों के इतिहास और परंपराओं को सहेज कर रखती हैं.
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