द्वारकाधीश मंदिर में 1500 साल पुरानी मेवाड़ की राल दर्शन परंपरा जीवंत हुई

उदयपुर
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News18•04-02-2026, 17:12
द्वारकाधीश मंदिर में 1500 साल पुरानी मेवाड़ की राल दर्शन परंपरा जीवंत हुई
- •मेवाड़ की 1500 साल पुरानी धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा के तहत द्वारकाधीश मंदिर, उदयपुर में फागोत्सव के दौरान भव्य राल दर्शन का आयोजन हुआ.
- •गोवर्धन चौक पर आयोजित इस दर्शन में सुबह से ही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया.
- •मंदिर के मुखिया कृष्णकांत और गोविंद गोपाल ने ठाकुरजी के समक्ष राल प्रज्वलित की, जिसकी लौ और ताप से पूरा परिसर जगमगा उठा.
- •यह परंपरा शीत ऋतु के समापन और ग्रीष्म ऋतु के आगमन का प्रतीक है, जो वातावरण को शुद्ध कर नए मौसम का स्वागत करती है.
- •डॉ. राकेश तैलंग के अनुसार, राल भगवान कृष्ण की द्वापर युगीन ऐश्वर्य लीला का नाटकीय निरूपण है, जो ब्रजवासियों को दावानल से बचाने की स्मृति में मनाई जाती है.
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