नागौर के मिनी रामदेवरा मंदिर की चमत्कारी मिट्टी: जानें क्यों ले जाते हैं भक्त इसे घर

नागौर
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News18•02-02-2026, 10:37
नागौर के मिनी रामदेवरा मंदिर की चमत्कारी मिट्टी: जानें क्यों ले जाते हैं भक्त इसे घर
- •अजमेर-नागौर सीमा पर स्थित खुंडियास गांव में बाबा रामदेव का एक मंदिर है, जिसे 'मिनी रामदेवरा' के नाम से जाना जाता है, जो एक भक्त की अटूट आस्था से बना है.
- •मंदिर की उत्पत्ति भोजराज गुर्जर से जुड़ी है, जिन्होंने 24 साल तक सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा दंडवत प्रणाम करते हुए की; बाबा रामदेव 1986 में खुंडियास में उन्हें प्रकट हुए.
- •भक्त भोजराज गुर्जर की समाधि के चारों ओर की मिट्टी को 'मिट्टी प्रसाद' के रूप में घर ले जाते हैं, यह मानते हुए कि यह त्वचा रोगों और शारीरिक बीमारियों को ठीक करती है.
- •शाम की आरती के दौरान एक विशेष ऊर्जा महसूस होती है, माना जाता है कि यह नकारात्मक प्रभावों में फंसे लोगों को राहत देती है.
- •रक्षाबंधन पूर्णिमा पर 'हरसोला मेला' शुरू होता है, जो लाखों भक्तों को आकर्षित करता है, जिससे खुंडियास धाम उन लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल बन जाता है जो मुख्य रामदेवरा नहीं जा सकते.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नागौर के मिनी रामदेवरा मंदिर में भक्त चमत्कारी मिट्टी को प्रसाद के रूप में लेते हैं, यह मानते हुए कि यह बीमारियों को ठीक करती है.
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