नागौर के रामदेव पशु मेले में 78% कारोबार गिरा, व्यापारी नदारद, पशुपालक निराश लौटे

नागौर
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News18•30-01-2026, 13:16
नागौर के रामदेव पशु मेले में 78% कारोबार गिरा, व्यापारी नदारद, पशुपालक निराश लौटे
- •नागौर के श्री रामदेव पशु मेले में इस साल पशुओं की बिक्री में 78.28% की भारी गिरावट दर्ज की गई, पिछले साल 2,500 की तुलना में केवल 543 पशु बिके.
- •मेले में 4,000 से कुछ अधिक पशु ही पहुंचे, जो पिछले साल के 5,000 से कम है, जिससे बिक्री न होने और कम कीमतों के कारण पशुपालक खाली हाथ लौट रहे हैं.
- •व्यापारियों के मेले में न आने का एक मुख्य कारण पिछले साल अन्य राज्यों (मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात) के व्यापारियों के पशु जब्त होने और दुर्व्यवहार की घटनाएं थीं.
- •जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मेले के कमजोर प्रचार ने भी इसकी रौनक फीकी कर दी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी कुर्सियां खाली रहीं.
- •अच्छी गुणवत्ता वाले पशुओं के बावजूद कम कीमत मिलने से पशुपालकों ने अपने पशु वापस ले जाना पसंद किया, जिससे मेले की ऐतिहासिक पहचान और विश्वास को ठेस पहुंची.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नागौर के रामदेव पशु मेले में व्यापारियों की अनुपस्थिति, खराब प्रचार और पिछली घटनाओं के कारण 78% कारोबार गिरा.
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