
गिरिराज पर्वत पर स्थित 131 फुट ऊंची 'श्रीजी के हनुमानजी' की प्रतिमा अपने चुनौतीपूर्ण स्थान और मोटर योग्य सड़क के अभाव के कारण अद्वितीय है, जिसके कारण भक्तों को वहां पहुंचने के लिए ट्रेकिंग करनी पड़ती है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुंबई के उद्योगपति गिरीश रतिलाल शाह ने नाथद्वारा में हनुमानजी की प्रतिमा क्यों बनवाई, इसका कारण प्रदान नहीं किया गया है।
नाथद्वारा में हनुमानजी की प्रतिमा का मुख श्रीनाथजी मंदिर की ओर है क्योंकि यह प्रसिद्ध श्रीनाथजी मंदिर के ठीक सामने स्थित है।