पंचायतों के 'तुगलकी' फरमान: प्रेम विवाह, मोबाइल प्रतिबंध से सिरोही में आक्रोश

सिरोही
N
News18•02-02-2026, 12:06
पंचायतों के 'तुगलकी' फरमान: प्रेम विवाह, मोबाइल प्रतिबंध से सिरोही में आक्रोश
- •सिरोही और जालोर जिलों में पंचायतों द्वारा जारी 'तुगलकी' फरमान प्रेम विवाह और अन्य मामलों में परिवारों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं.
- •पिंडवाड़ा तहसील, सिरोही में एक सामुदायिक पंचायत ने प्रेम विवाह के लिए एक परिवार का बहिष्कार किया और 7.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया, जिसके बाद अदालत में शिकायत दर्ज की गई.
- •समाजशास्त्र विशेषज्ञ राजेश दवे बताते हैं कि प्रभावशाली व्यक्तियों के प्रभुत्व वाली जाति-आधारित पंचायतें एक समानांतर न्यायपालिका और सरकार चलाने का प्रयास करती हैं.
- •दवे का तर्क है कि लड़कियों को मोबाइल फोन से वंचित करना या अंतर-जातीय विवाह पर एकतरफा निर्णय देना गलत है; शिक्षा और जागरूकता बेहतर समाधान हैं.
- •नागरिक इन 'तुगलकी' फरमानों पर चिंता व्यक्त करते हैं, यह देखते हुए कि सामाजिक पंचायतें अक्सर सभी पक्षों को सुने बिना निर्णय लेती हैं, खासकर पिछड़े इलाकों में.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: प्रेम विवाह और मोबाइल प्रतिबंध पर पंचायतों के मनमाने फरमान पिछड़े इलाकों में परिवारों को परेशान कर रहे हैं.
✦
More like this
Loading more articles...





