राजस्थान में सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत एक गंभीर संकट बन चुकी है
जयपुर
N
News1806-02-2026, 08:28

राजस्थान के सरकारी स्कूल जर्जर: 56% कक्षाएं असुरक्षित, शिक्षक और ग्रामीण बच्चों की शिक्षा बचाने में जुटे.

  • एक तकनीकी ऑडिट से पता चला है कि राजस्थान के 56% से अधिक सरकारी स्कूल के कक्षा-कक्ष जर्जर, अनुपयोगी या मरम्मत योग्य हैं, जिससे सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
  • जुलाई 2025 में झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में छत गिरने से सात बच्चों की मौत और 20 से अधिक घायल होने के बाद कई स्कूल भवनों को असुरक्षित घोषित कर ध्वस्त कर दिया गया था.
  • खेड़ी का पुरा में, स्कूल भवन ध्वस्त होने के बाद शिक्षकों जगदीश मीणा और सांवरिया मीणा ने अपने खर्च पर अस्थायी कक्षाएं स्थापित कीं ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो.
  • हंडोतिया लोधन के सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों और ग्रामीणों ने मिलकर पिछले पांच वर्षों में मरम्मत पर लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए हैं, जिससे 318 छात्रों की शिक्षा जारी है.
  • पिपलोदी में, 124 बच्चों की कक्षाएं 60 वर्षीय मोर सिंह के घर पर चल रही हैं, जबकि एक नया स्कूल बन रहा है, जो प्रणालीगत विफलताओं के बीच सामुदायिक प्रयासों को दर्शाता है.

More like this

Loading more articles...