राजियावास गांव में 'डॉग-सा' की मौत पर शोक, ग्रामीणों ने दी सम्मानजनक विदाई

भीलवाड़ा
N
News18•24-01-2026, 08:17
राजियावास गांव में 'डॉग-सा' की मौत पर शोक, ग्रामीणों ने दी सम्मानजनक विदाई
- •राजस्थान के ब्यावर जिले के राजियावास गांव में एक प्यारे सामुदायिक कुत्ते, जिसे प्यार से 'डॉग-सा' कहा जाता था, की मौत पर शोक मनाया गया.
- •हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के ग्रामीणों ने मिलकर 'डॉग-सा' के लिए एक सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था की, जिसमें भक्ति गीतों के साथ एक जुलूस और चिता शामिल थी.
- •'डॉग-सा' गांव में हर अंतिम संस्कार में अपनी अनूठी उपस्थिति के लिए जाना जाता था, चाहे वह किसी भी धर्म का हो, जो श्रद्धा और सहानुभूति का प्रतीक था.
- •यह कुत्ता अंतिम संस्कार के जुलूसों के साथ श्मशान/कब्रिस्तान तक जाता था और हिंदू घरों में अंतिम संस्कार के बाद 12 दिनों तक रहता था.
- •अंतिम संस्कार सामुदायिक बंधन और साझा भावनाओं का एक शक्तिशाली उदाहरण बन गया, जिसने धार्मिक और प्रजाति की सीमाओं को पार किया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: राजियावास गांव ने एक प्यारे सामुदायिक कुत्ते, 'डॉग-सा' को सम्मानजनक अंतिम संस्कार देने के लिए एकजुटता दिखाई, जो गहरे मानव-पशु संबंधों को दर्शाता है.
✦
More like this
Loading more articles...





