डीएफओ चेतन कुमार 
भरतपुर
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News1813-01-2026, 19:13

साइबेरियन रूबीथ्रोट 5,000 किमी उड़कर केवलादेव पहुंचा, भरतपुर में दुर्लभ मेहमान

  • एक दुर्लभ साइबेरियन रूबीथ्रोट साइबेरिया से 5,000 किमी की यात्रा कर भरतपुर के केवलादेव घाना पक्षी अभयारण्य पहुंचा है.
  • यह छोटी प्रवासी पक्षी, 14-15 सेमी लंबी, सर्दियों के लिए भारत आती है; इसकी उपस्थिति दुर्लभता के कारण एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है.
  • केवलादेव में आमतौर पर केवल एक या दो जोड़े देखे जाते हैं, जो रूस और साइबेरिया के ठंडे क्षेत्रों से गर्म जलवायु वाले देशों में प्रवास करते हैं.
  • डीएफओ चेतन कुमार ने अभयारण्य के भीतर जाटौली चौकी और कोलादेहर के पास देखे जाने की पुष्टि की है.
  • नर साइबेरियन रूबीथ्रोट की पहचान माणिक जैसे लाल गले के धब्बे से होती है; यह कीड़े खाता है और झाड़ियों में छिपना पसंद करता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: दुर्लभ साइबेरियन रूबीथ्रोट ने केवलादेव अभयारण्य तक 5,000 किमी का प्रवास पूरा किया, जो प्रवासी पक्षियों के लिए इसके महत्व को दर्शाता है.

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