बांकुड़ा नाट्य महोत्सव: मंच पर समाज की कहानियाँ, जीवन के संघर्ष उजागर!

दक्षिण बंगाल
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News18•29-12-2025, 16:08
बांकुड़ा नाट्य महोत्सव: मंच पर समाज की कहानियाँ, जीवन के संघर्ष उजागर!
- •बांकुड़ा प्रकल्पना कल्चरल प्रैक्टिस सेंटर द्वारा आयोजित पाँचवाँ वार्षिक बांकुड़ा नाट्य महोत्सव 27 और 28 दिसंबर को बांकुड़ा रबींद्र भवन में संपन्न हुआ.
- •यह महोत्सव सार्वजनिक शिक्षा के लिए रंगमंच की शक्ति को दर्शाता है, जिसमें जिले और राज्य भर के नाट्य समूह शामिल हुए.
- •पहले दिन शोब्दमुग्ध नाट्य केंद्र (दमदम) का 'बेलबाबू' और जूटिक नाट्य गोष्ठी (चिंसुरा) का 'हेमंत अरण्ये सेई पोस्टमैन' मंचित हुआ.
- •दूसरे दिन बांकुड़ा प्रकल्पना का 'अभाव' और पथिकृत नाट्य संस्था (पूर्ब बर्धमान) का 'पोस्टो' प्रदर्शित हुआ, जो सामाजिक वास्तविकताओं को दर्शाता है.
- •नाटकों को उनके विषयों, संवादों और मंच सज्जा के लिए सराहा गया, जो सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में रंगमंच की भूमिका पर प्रकाश डालते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बांकुड़ा नाट्य महोत्सव ने सामाजिक वास्तविकताओं को दर्शाने और जनता को शिक्षित करने में नाटक का सफल उपयोग किया.
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