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दक्षिण बंगाल
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News1808-01-2026, 20:48

बर्धमान स्कूल में 'ईमानदारी की दुकान': बिना विक्रेता, बिना निगरानी, बच्चों को सिखा रही नैतिकता.

  • पूर्वी बर्धमान के भेलाडांगा आदिवासी प्राथमिक विद्यालय में 'ईमानदारी की दुकान' शुरू हुई, जहाँ कोई विक्रेता या निगरानी नहीं है.
  • छात्र अपनी ज़रूरत की चीज़ें जैसे नोटबुक, पेंसिल, साबुन खुद लेते हैं और निर्धारित राशि एक बॉक्स में डालते हैं, जिससे ईमानदारी और विश्वास बढ़ता है.
  • स्वयंसेवी संगठन 'सृष्टि' और स्कूल अधिकारियों की यह पहल छात्रों में बचपन से ही ईमानदारी और नैतिकता के बीज बोने का लक्ष्य रखती है.
  • दूरदराज के आदिवासी गाँव में स्थित यह दुकान शैक्षिक सामग्री की कमी को पूरा करती है, जिससे 18 छात्रों को लाभ होता है.
  • हेडमास्टर बोका किस्कू ने इस पहल की सराहना की, इसे जिम्मेदार नागरिक बनाने और किताबों से परे व्यावहारिक जीवन के सबक सिखाने में महत्वपूर्ण बताया.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पूर्वी बर्धमान के स्कूल में 'ईमानदारी की दुकान' दूरदराज के क्षेत्र में नैतिकता और आपूर्ति सिखा रही है.

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