বহুরূপীর সাজে শিল্পী
दक्षिण बंगाल
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News1815-12-2025, 19:09

वीरभूम के सुबल दास बैरागी: राजीव गांधी ने दिया था गुलाब, 85 की उम्र में भी सिखाते बहुरूपी कला.

  • * बीरभूम के सुबल दास बैरागी 'श्रीकांत' उपन्यास के 'छिनाथ बहुरूपी' चरित्र से प्रेरित होकर बहुरूपिया कला में आए.
  • * उन्होंने 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ वाशिंगटन में अपनी कला का प्रदर्शन किया.
  • * राजीव गांधी ने उन्हें समर्थन का वादा किया था, लेकिन उनके असामयिक निधन से सुबल दास बैरागी के सपने अधूरे रह गए.
  • * 85 वर्ष की आयु में भी, सुबल दास बैरागी विश्वभारती और शिशूतीर्थ स्कूल के बच्चों को बहुरूपिया कला का प्रशिक्षण दे रहे हैं.
  • * उनके बेटे धनेश्वर दास बैरागी और पोते राघव दास बैरागी भी इस पारंपरिक कला को आगे बढ़ा रहे हैं.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: यह कहानी 'बहुरूपी' कला के संरक्षण और उसके महत्व को दर्शाती है.

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