पुरुलिया में टेराकोटा कला का नया रूप: भास्कर घोष ने मानव आकृतियों को दिया आधुनिक स्पर्श.

दक्षिण बंगाल
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News18•05-01-2026, 16:08
पुरुलिया में टेराकोटा कला का नया रूप: भास्कर घोष ने मानव आकृतियों को दिया आधुनिक स्पर्श.
- •पुरुलिया के कलाकार भास्कर घोष ने पारंपरिक टेराकोटा कला को आधुनिक रूप दिया है, विशेषकर मानव आकृतियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, जो बांकुड़ा के बिष्णुपुर से अलग है.
- •'इकोज़ ऑफ नेचर' थीम पर 8वें राष्ट्रीय पारंपरिक कला और टेराकोटा कार्यशाला में विभिन्न राज्यों और जिलों के कलाकारों ने भाग लिया.
- •इस वर्ष की कार्यशाला का मुख्य आकर्षण खजूर के पत्तों की चटाई पर की गई ललित कला थी, जो इस क्षेत्र में बिल्कुल नई है.
- •कार्यशाला पाखी पहाड़ (बाघमुंडी ब्लॉक) और पुरुलिया शहर के केतिका जैसे प्राकृतिक स्थानों पर आयोजित की गई, प्रकृति के साथ कला को बढ़ावा दिया गया.
- •यह पहल युवाओं को मोबाइल की लत से दूर कर आधुनिक कला रूपों से प्रेरित करने का लक्ष्य रखती है, जिसमें नृत्य, संगीत और बोनफायर ने माहौल को जीवंत बनाया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भास्कर घोष ने पुरुलिया में टेराकोटा को आधुनिक मानव आकृतियों और प्रकृति थीम के साथ नया जीवन दिया है.
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