লোকনৃত্য 'কালিকা পাতারি'
दक्षिण बंगाल
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News1827-12-2025, 20:24

स्मार्टफोन से पुनर्जीवित हुआ हावड़ा का कालिका पातरी लोक नृत्य, कलाकारों को मिली नई उम्मीद.

  • हावड़ा का अनूठा लोक नृत्य कालिका पातरी विलुप्त होने के कगार पर था, लेकिन स्मार्टफोन और डिजिटल मीडिया से इसे पुनर्जीवित किया जा रहा है.
  • श्यामनगर, हावड़ा में सदियों पहले उत्पन्न हुआ यह नृत्य महिषासुर और तारकासुर जैसे पौराणिक कथाओं को दर्शाता है.
  • डिजिटल प्रचार से इसकी लोकप्रियता बढ़ी है, जिससे अधिक बुकिंग और कलाकारों के लिए नई उम्मीद जगी है.
  • वर्तमान में हावड़ा जिले में कालिका पातरी के चार सरकारी मान्यता प्राप्त दल हैं, जिनमें प्रत्येक में 15-16 सदस्य हैं.
  • कलाकार सभी कलाकारों, विशेषकर नए कलाकारों के लिए अधिक सरकारी मान्यता और अनुदान की मांग कर रहे हैं ताकि कला रूप जीवित रहे.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: डिजिटल मीडिया ने कालिका पातरी को नया जीवन दिया, जिससे इसका भविष्य सुरक्षित हुआ और कलाकारों को लाभ मिला.

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