डेयरी किसानों के लिए चेतावनी: पशुओं में गर्भाशय रोग, तुरंत पशु चिकित्सक से सलाह लें

वनपर्थी
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News18•25-01-2026, 15:36
डेयरी किसानों के लिए चेतावनी: पशुओं में गर्भाशय रोग, तुरंत पशु चिकित्सक से सलाह लें
- •डॉ. वेंकटेश्वर रेड्डी ने डेयरी किसानों को पशुओं में गर्भाशय रोगों के प्रति आगाह किया, लक्षणों के लिए तत्काल पशु चिकित्सा परामर्श पर जोर दिया.
- •अस्वच्छ प्रसव, देखभाल की कमी और प्लेसेंटा का रुकना गर्भाशय रोगों के प्रमुख कारण हैं, जिससे गर्भाधान संबंधी समस्याएं और देर से मदचक्र होता है.
- •कुछ पशुओं में अस्पष्ट मदचक्र के लक्षण, खासकर अधिक दूध देने वाली भैंसों में, और अपर्याप्त पोषण से अंडाशय का अनुचित विकास प्रमुख समस्याएं हैं.
- •बार-बार प्रजनन विफलता, जहां कई बार गर्भाधान के बाद भी पशु गर्भधारण नहीं कर पाते, गर्भाशय के रोगाणुओं, खराब वीर्य या देर से गर्भाधान के कारण होती है.
- •किसानों को समय पर मदचक्र और गर्भाधान के लिए प्रतिदिन 50 ग्राम खनिज मिश्रण, संतुलित आहार, हरा चारा और स्वच्छ वातावरण प्रदान करने की सलाह दी जाती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: डेयरी किसानों को प्रजनन स्वास्थ्य और लाभप्रदता सुनिश्चित करने के लिए पशुओं के गर्भाशय रोगों के लिए पशु चिकित्सा को प्राथमिकता देनी चाहिए.
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