धनुर्मास व्रत: तिरुप्पावै के माध्यम से दिव्य समर्पण और समृद्धि का मार्ग

वनपर्थी
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News18•20-12-2025, 17:21
धनुर्मास व्रत: तिरुप्पावै के माध्यम से दिव्य समर्पण और समृद्धि का मार्ग
- •धनुर्मास व्रत समर्पण, भक्ति और विनम्रता का प्रतीक है, जो दिव्य संबंध और समृद्धि की ओर ले जाता है.
- •गोदा देवी आंडाल की तिरुप्पावै, 30 दिनों का भजन, इस आध्यात्मिक यात्रा का प्रतीक है और इसे श्री व्रत माना जाता है.
- •धनुर्मास के दौरान भगवान श्रीमहा विष्णु की पूजा करने से हजार वर्षों की पूजा के बराबर फल मिलता है.
- •भगवान विष्णु को प्रिय इस महीने में तिरुप्पावै पाठ और मंदिर दर्शन जैसे विशेष अनुष्ठान होते हैं.
- •वेदों और उपनिषदों का सार तिरुप्पावै, भक्तों को भगवान को प्राप्त करने के प्रमुख मार्ग पर मार्गदर्शन करता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: धनुर्मास व्रत और तिरुप्पावै दिव्य कृपा और समृद्धि प्राप्त करने के लिए समर्पण का गहरा मार्ग प्रदान करते हैं.
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