भारत ने कोयला गैसीकरण मिशन लॉन्च किया: 2030 तक 10 करोड़ टन का लक्ष्य, 8,500 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन.
भारत ने कोयला गैसीकरण मिशन लॉन्च किया: 2030 तक 10 करोड़ टन का लक्ष्य, 8,500 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन.
- •केंद्र सरकार ने आज चंद्रपुर, महाराष्ट्र में कोयला गैसीकरण मिशन लॉन्च किया, जिसका लक्ष्य 2030 तक 10 करोड़ टन कोयले का गैसीकरण करना है.
- •मिशन का उद्देश्य कोयले को सिंथेटिक गैस (सिन्गैस) में बदलना है, जिससे मेथनॉल, हाइड्रोजन और उर्वरक बनेंगे और वायु प्रदूषक 30-40% कम होंगे.
- •केंद्रीय कोयला मंत्रालय सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए 8,500 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दे रहा है, जिससे 2026 तक 2 करोड़ टन क्षमता की उम्मीद है.
- •यह पहल भारत की 80% तेल आयात निर्भरता को काफी कम करेगी, 50,000 करोड़ रुपये बचाएगी और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी.
- •चंद्रपुर में दो एकीकृत संयंत्र DRI, अमोनियम नाइट्रेट और हाइड्रोजन का उत्पादन करेंगे, जिससे 50,000 से अधिक नौकरियां पैदा होंगी और तेलंगाना व आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों को लाभ होगा.