गोंडा का 600 साल पुराना खैरा भवानी मंदिर: मुगलकालीन विरासत और महत्व

गोंडा
N
News18•03-02-2026, 11:27
गोंडा का 600 साल पुराना खैरा भवानी मंदिर: मुगलकालीन विरासत और महत्व
- •उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के खैरा गांव में स्थित खैरा भवानी मंदिर 500-600 साल पुराना एक प्राचीन धार्मिक स्थल है, जिसकी स्थापना मुगल शासनकाल के दौरान हुई थी.
- •यह मंदिर आस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहाँ दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं, खासकर नवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों पर.
- •महंत कैलाश नारायण गिरी के अनुसार, मंदिर का एक समृद्ध इतिहास है, जिसमें 150 साल पहले एक चमत्कारी घटना भी शामिल है जब एक रेलवे लाइन देवी के हस्तक्षेप के कारण मंदिर स्थल से नहीं बन पाई थी.
- •मंदिर का नाम खैरा भवानी इसलिए पड़ा क्योंकि देवी माँ एक खैर के पेड़ के नीचे प्रकट हुई थीं, जहाँ कभी खैर के पेड़ों का जंगल था.
- •महंत भगवान गिरी द्वारा स्थापित इस मंदिर की भूमि अवध के तत्कालीन नवाब आसफ-उद-दौला ने गिरी के पूर्वजों को दान की थी, जो जमींदार थे.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: गोंडा का 600 साल पुराना खैरा भवानी मंदिर एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है, जिसका समृद्ध अतीत है.
✦
More like this
Loading more articles...





