इस्लाम में सगाई की अनुमति, पर रिंग सेरेमनी पर पाबंदी क्यों? शाही मुफ्ती ने बताया
अलीगढ़
N
News1811-01-2026, 08:20

इस्लाम में सगाई की अनुमति, पर रिंग सेरेमनी पर पाबंदी क्यों? शाही मुफ्ती ने बताया

  • मुस्लिम समाज में सगाई और रिंग सेरेमनी का चलन बढ़ रहा है, जिससे इस्लामी शिक्षाओं के अनुरूप होने पर सवाल उठते हैं.
  • उत्तर प्रदेश के शाही मुफ्ती मौलाना चौधरी इब्राहिम हुसैन ने सगाई और रिंग सेरेमनी की इस्लामी वास्तविकता स्पष्ट की है.
  • इस्लाम में निकाह से पहले सगाई (पैगाम) की अवधारणा मान्य है, जिसमें परिवारों के बीच आपसी सहमति और चर्चा शामिल है.
  • रिंग सेरेमनी, जिसमें सार्वजनिक रूप से अंगूठियों का आदान-प्रदान या शारीरिक संपर्क शामिल है, निषिद्ध है क्योंकि निकाह तक लड़का-लड़की 'गैर-महरम' रहते हैं.
  • मुफ्ती ने जोर दिया कि रिंग सेरेमनी केवल दिखावा और एक औपचारिक आयोजन है, जिसका इस्लामी शिक्षाओं से कोई संबंध नहीं है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: इस्लाम में शरिया सीमाओं के भीतर सगाई की अनुमति है, लेकिन 'गैर-महरम' स्थिति के कारण रिंग सेरेमनी निषिद्ध है.

More like this

Loading more articles...