
अमेठी के किसानों का आरोप है कि पशु टीकाकरण अभियान केवल कागजों पर है, और धरातल पर कोई वास्तविक टीकाकरण नहीं किया जा रहा है।
अमेठी में पशुपालक बताते हैं कि गलघोंटू (हेमोरेजिक सेप्टीसीमिया) और खुरपका-मुंहपका (फुट-एंड-माउथ डिजीज) जैसी बीमारियाँ उनके पशुओं के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं।
अमेठी के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने दिए गए स्रोतों में टीकाकरण में लापरवाही के संबंध में कोई बयान नहीं दिया है।