अन्नपूर्णा रसोई में भोजन वितरित करते कर्मचारी.
फर्रुखाबाद
N
News1817-02-2026, 09:15

अन्नपूर्णा रसोई 6 साल से गरीबों का सहारा, लंबी कतारें, कोई भूखा नहीं लौटता.

  • फर्रुखाबाद की अन्नपूर्णा रसोई 6 साल से गरीबों, असहायों और भूखों का एकमात्र सहारा बनी हुई है.
  • भोलेपुर स्थित यह रसोई दिन में दो बार भरपेट भोजन उपलब्ध कराती है, जिससे आसपास के जिलों से भी लोग आते हैं.
  • कोरोना काल में शुरू हुई यह पहल लगातार चल रही है, जिसका उद्देश्य है कि कोई भूखा न सोए.
  • संचालक आशीष श्रीवास्तव के अनुसार, यह एक धर्मार्थ कार्य है जहां रोजाना सैकड़ों लोग मुफ्त भोजन पाते हैं.
  • थाली में रोटी, सब्जी, दाल, चावल और मिठाई (हलवा, बूंदी या रसगुल्ला) शामिल होती है; मरीजों के परिजनों को भी भोजन बांटने की योजना है.

More like this

Loading more articles...