आजमगढ़ की ऐतिहासिक जेल खंडहर में तब्दील, आजादी की गवाह बनी कूड़े का ढेर.

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News18•28-01-2026, 09:53
आजमगढ़ की ऐतिहासिक जेल खंडहर में तब्दील, आजादी की गवाह बनी कूड़े का ढेर.
- •आजमगढ़ की पुरानी जिला जेल, जो 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है, अब खंडहर और कूड़े के ढेर में बदल गई है.
- •क्रांतिकारियों ने, जिनमें रज्जब अली भी शामिल थे, 3 जून 1857 को इस जेल पर हमला कर कैदियों को छुड़ाया और ब्रिटिश अधिकारियों को मार गिराया था.
- •1857 के संघर्ष के दौरान आजमगढ़ जिला लगभग 81 दिनों तक ब्रिटिश शासन से मुक्त रहा, क्रांतिकारियों ने जेल और ब्रिटिश कंपनी गार्डन पर नियंत्रण कर लिया था.
- •ऐतिहासिक महत्व के बावजूद, जेल परिसर अब ढह रहा है, नगर पालिका द्वारा कचरा डंप करने के लिए उपयोग किया जा रहा है और झाड़ियों से घिरा है.
- •इस स्थल को पार्क, स्टेडियम या मल्टी-लेवल पार्किंग में बदलने की योजनाएं प्रशासनिक विवादों के कारण विफल रहीं, जिससे इसकी उपेक्षा जारी है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: आजमगढ़ की ऐतिहासिक जेल, भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक, प्रशासनिक उपेक्षा के कारण खंडहर बन रही है.
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