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झांसी की प्रह्लाद नगरी: जानें क्यों यहां पहले नहीं खेली जाती रंगों की होली
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झांसी की प्रह्लाद नगरी: रंगों से पहले आस्था की होली मनाते हैं लोग.
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News18
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04-03-2026, 18:22
झांसी की प्रह्लाद नगरी: रंगों से पहले आस्था की होली मनाते हैं लोग.
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झांसी की प्रह्लाद नगरी (एरिच कस्बा) में होली रंगों से नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा के प्रतीक के रूप में मनाई जाती है.
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यह परंपरा भक्त प्रह्लाद, हिरण्यकश्यप और होलिका की प्राचीन कथा से जुड़ी है, जिसका उद्भव एरिकक्ष (अब प्रह्लाद नगरी) में माना जाता है.
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यहां होली के दिन रंग नहीं खेले जाते; इसके बजाय, पहले होलिका दहन किया जाता है और अग्नि की परिक्रमा की जाती है.
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अग्नि सत्य और भक्ति की विजय का प्रतीक है; लोग घर से लकड़ी और गोबर के उपले चढ़ाकर सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं.
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यह अनूठी परंपरा सिखाती है कि सच्ची शक्ति आस्था और भक्ति में है, जहां बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत होती है.
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