गाजीपुर के PG कॉलेज की शोधशाला में दुर्लभ वेद-पुराण कि पांडुलिपियां आज भी मौजूद 
गाजीपुर
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News1804-02-2026, 16:23

गाजीपुर पीजी कॉलेज की लाइब्रेरी: शंकराचार्य द्वारा स्थापित, दुर्लभ पांडुलिपियों का खजाना

  • गाजीपुर पीजी कॉलेज की केंद्रीय अनुसंधान लाइब्रेरी, जिसकी नींव 1986 में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने रखी थी, दुर्लभ पांडुलिपियों और प्राचीन ग्रंथों को संरक्षित करती है.
  • यह लाइब्रेरी वेद, पुराण और भारतीय दर्शन से संबंधित महत्वपूर्ण ग्रंथों का घर है, जो छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र के रूप में कार्य करती है.
  • यह दुर्लभ संदर्भ सामग्री के लिए उत्कृष्ट संसाधन प्रदान करती है, जो अक्सर ऑनलाइन अधूरी या अनुपलब्ध होती है, जिससे यह गंभीर अध्ययन का केंद्र बन जाती है.
  • कॉलेज अपनी समृद्ध विरासत को अधिक सुलभ बनाने के लिए अपनी पांडुलिपियों के संरक्षण और व्यवस्थित सूचीकरण पर काम करने की योजना बना रहा है.
  • कॉलेज के छात्रों के अलावा, बाहरी शोधकर्ता, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र और स्थानीय बुद्धिजीवी भी इस अनुसंधान केंद्र का उपयोग करते हैं.

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