तारक मेहता देखते-देखते की तैयारी, गाजीपुर के युवक ने ऐसे पाया ISRO में वैज्ञानिक
गाजीपुर
N
News1804-01-2026, 16:11

'तारक मेहता' देख दूर की टेंशन, अब ISRO वैज्ञानिक बना गाजीपुर का अभिनव.

  • गाजीपुर के अभिनव ने टियर-थ्री कॉलेज से निकलकर ISRO में ग्रेड ए वैज्ञानिक बनकर छोटे शहर के छात्रों के लिए मिसाल कायम की.
  • उन्होंने BARC, ONGC, NPCIL, HPCL जैसी प्रमुख संस्थाओं के लिखित परीक्षा पास करने के बाद पांच इंटरव्यू में असफलता का सामना किया, पर हार नहीं मानी.
  • अभिनव ने अपनी सफलता का श्रेय लगातार स्वयं सीखने, अभ्यास करने और सीमित संसाधनों को अपनी ताकत बनाने को दिया.
  • कठिन पढ़ाई के दौरान तनाव कम करने के लिए अभिनव 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' सुनते थे, जिससे जेठालाल और भिड़े की आवाजें उन्हें शांत करती थीं.
  • ISRO में वैज्ञानिक बनने के दो मुख्य रास्ते हैं: GATE स्कोर (चयन के लिए 400-500 के भीतर रैंक) या ISRO की अपनी ICRB परीक्षा.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अभिनव की कहानी दिखाती है कि लगन, अनोखा तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास ISRO तक पहुंचा सकता है.

More like this

Loading more articles...