बिना मशीन, बिना बिजली पहाड़पुर की हाथों की कला अब दुनिया पहचान रही
गाजीपुर
N
News1819-01-2026, 23:44

गाजीपुर के पहाड़पुर कलां का अनोखा हुनर: जूट वॉल हैंगिंग से मिली वैश्विक पहचान

  • गाजीपुर के पहाड़पुर कलां गांव की पहचान हाथ से बनी जूट वॉल हैंगिंग से है, जिसे 2018 में जीआई टैग (जीआई नंबर 314) मिला है.
  • इस कला की शुरुआत 50 साल पहले इसराइल अंसारी ने की थी, जिन्होंने जूट के धागों से चांद और सूरज के डिजाइन बनाए और पूरे गांव को यह हुनर सिखाया.
  • यह हस्तशिल्प पूरी तरह से हाथ से बनाया जाता है, जिसमें जूट को ब्लीच करके प्राकृतिक रंगों से रंगा जाता है और पारंपरिक पिट-लूम पर बुना जाता है.
  • ये वॉल हैंगिंग दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों के मेलों में बेचे जाते हैं और ODOP योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रचारित होते हैं, जिनकी कीमत ₹500 से ₹10,000 तक है.
  • डिजिटलीकरण ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिक्री में 10% की वृद्धि की है, जिससे कारीगरों, विशेषकर महिलाओं को स्थायी रोजगार और आय मिली है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पहाड़पुर कलां की जीआई-टैग वाली जूट वॉल हैंगिंग कला परंपरा और डिजिटलीकरण से कारीगरों को सशक्त बना रही है.

More like this

Loading more articles...