होली के 'लाट साहब' जुलूस का सच: अंग्रेजों की चाल और शाहजहांपुर की गंगा-जमुनी संस्कृति.

शाहजहाँपुर
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News18•18-02-2026, 15:14
होली के 'लाट साहब' जुलूस का सच: अंग्रेजों की चाल और शाहजहांपुर की गंगा-जमुनी संस्कृति.
- •शाहजहांपुर का 'लाट साहब' होली जुलूस गंगा-जमुनी संस्कृति और ब्रिटिश दमनकारी नीतियों के बीच ऐतिहासिक टकराव का दस्तावेज है.
- •नवाबों के दौर में सद्भाव का प्रतीक रही होली को अंग्रेजों ने 1857 के बाद सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया.
- •इतिहासकार डॉ. विकास खुराना के अनुसार, अंग्रेजों की 'फूट डालो और राज करो' नीति के तहत अधिकारी गोवेन ने इस परंपरा को तनावपूर्ण जुलूस में बदला.
- •एस.ए.ए. रिजवी की 'फ्रीडम स्ट्रगल इन उत्तर प्रदेश' के भाग 5 में गोवेन द्वारा हिंदू-मुस्लिम एकता तोड़ने के लिए भेजे जाने का प्रमाण है.
- •लगभग 1859 में शुरू हुआ यह जुलूस अंग्रेजों की भारतीयों को आपस में लड़ाने की कड़वी चाल थी, जो समय के साथ स्थानीय परंपरा बन गई.
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