कभी 26 जनवरी को मानता था स्वतंत्रता दिवस
कानपुर
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News1824-01-2026, 13:21

26 जनवरी का अनसुना सच: गणतंत्र दिवस से पहले 17 साल तक मनाया गया था 'स्वतंत्रता दिवस'.

  • 1950 से पहले, 26 जनवरी को 17 साल तक गणतंत्र दिवस के बजाय 'स्वतंत्रता दिवस' या 'स्वाधीनता दिवस' के रूप में मनाया जाता था.
  • 1929 के लाहौर कांग्रेस अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित होने के बाद 26 जनवरी, 1930 को स्वतंत्रता की औपचारिक घोषणा की गई, जिससे यह तारीख ऐतिहासिक बन गई.
  • 1930 से 1947 तक, क्रांतिकारी और जनता हर साल इस दिन को ब्रिटिश शासन से पूर्ण स्वतंत्रता के अपने संकल्प को दोहराने के लिए मनाते थे.
  • कानपुर में, 26 जनवरी, 1930 को यूथ लीग द्वारा एक बड़ा जुलूस निकाला गया, जो श्रद्धानंद पार्क में स्वतंत्रता की घोषणा के साथ समाप्त हुआ.
  • इस दिन को मनाना खतरनाक था; 1934 में, गोपीनाथ सिंह, प्रकाश नारायण सक्सेना और शिवराम पांडे को इसमें भाग लेने के लिए ढाई साल की जेल हुई थी.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: 26 जनवरी, जिसे अब गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है, 1947 से पहले 17 साल तक स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता था.

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