कानपुर गंगा: दावों में साफ, जमीन पर मैली; काला पानी, खुले नाले आज भी चुनौती.

कानपुर
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News18•10-01-2026, 15:07
कानपुर गंगा: दावों में साफ, जमीन पर मैली; काला पानी, खुले नाले आज भी चुनौती.
- •कानपुर में गंगा को साफ बताने के प्रशासनिक दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत में काला पानी, खुले नाले और प्रदूषण बरकरार है.
- •कानपुर में गंगा का पानी डी श्रेणी में है, जो पीने या आचमन के लिए अनुपयुक्त है, फिर भी शुद्धता के दावे किए जा रहे हैं.
- •शहर के 10 से अधिक छोटे-बड़े नाले सीधे या परोक्ष रूप से गंगा में दूषित पानी छोड़ रहे हैं; बायोरेमेडिएशन के दावे अप्रभावी हैं.
- •जाजमऊ की 200 टेनरियाँ प्रदूषण का प्रमुख कारण हैं, रसायनों का प्रभाव स्पष्ट है, और रात में दूषित पानी छोड़ने के आरोप हैं.
- •जाजमऊ और रायबरेली में हाल ही में डॉल्फ़िन की मौतें लगातार प्रदूषण के कारण जलीय जीवन पर गंभीर खतरे को उजागर करती हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: आधिकारिक दावों के बावजूद, कानपुर की गंगा अभी भी अत्यधिक प्रदूषित है, जिससे जलीय जीवन और जनस्वास्थ्य खतरे में है.
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