कानपुर में 'बुक-अ-मंथ' और 'बुके नहीं, बुक' मुहिम, बच्चों में पढ़ने की आदत पर जोर.
कानपुर में 'बुक-अ-मंथ' और 'बुके नहीं, बुक' मुहिम, बच्चों में पढ़ने की आदत पर जोर.
- •कानपुर प्रशासन ने बच्चों और युवाओं को किताबों से जोड़ने के लिए 'बुक-अ-मंथ' और 'बुके नहीं, बुक' अभियान शुरू किया है.
- •जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि बचपन से पढ़ने की आदत बच्चों के मानसिक विकास को बेहतर बनाती है.
- •'बुक-अ-मंथ' के तहत बच्चों को हर महीने कम से कम एक किताब पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
- •'बुके नहीं, बुक' अभियान में आयोजनों में फूलों के गुलदस्ते की जगह किताबें भेंट करने की अपील की गई है.
- •चुननीगंज स्थित राजकीय पुस्तकालय में 500 रुपये की सुरक्षा जमा राशि पर सदस्यता उपलब्ध है, पढ़ने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं.