कानपुर का 'अपना घर': ईंट-भट्ठों से सपनों की उड़ान, संवर रहे प्रवासी बच्चों के भविष्य.

कानपुर
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News18•01-01-2026, 20:37
कानपुर का 'अपना घर': ईंट-भट्ठों से सपनों की उड़ान, संवर रहे प्रवासी बच्चों के भविष्य.
- •कानपुर में आशा ट्रस्ट द्वारा संचालित 'अपना घर' प्रवासी मजदूरों के बच्चों को ईंट-भट्ठों से निकालकर शिक्षा दे रहा है.
- •यह सिर्फ स्कूल नहीं, बल्कि जीवन-स्कूल है, जहाँ पढ़ाई के साथ-साथ मूल्य, अनुशासन और आत्मनिर्भरता सिखाई जाती है, जैसे जैविक खेती.
- •ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत और विदेश के विशेषज्ञ बच्चों को अंग्रेजी, विज्ञान और नई तकनीक सिखाते हैं, उन्हें दुनिया से जोड़ते हैं.
- •निदेशक महेश कुमार का लक्ष्य बच्चों में आत्म-विश्वास जगाना है, ताकि वे अपनी क्षमता पहचान सकें और बड़े सपने देख सकें.
- •'अपना घर' से निकले कई बच्चे आज इंजीनियरिंग, ग्रेजुएशन और विभिन्न क्षेत्रों में सफल होकर गरीबी को मात दे रहे हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कानपुर का 'अपना घर' समग्र शिक्षा से प्रवासी बच्चों के जीवन को बदलने का एक प्रेरणादायक मॉडल है.
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