कौशाम्बी का इतिहास 
कौशांबी
N
News1805-02-2026, 15:17

कौशांबी: इतिहास से जुड़ा जिला, 4 अप्रैल 1997 को प्रयागराज से अलग होकर बना

  • उत्तर प्रदेश का कौशांबी जिला 4 अप्रैल 1997 को प्रयागराज से अलग होकर एक नया जिला बना, जिसमें मंझनपुर, चायल और सिराथू तीन तहसीलें शामिल हैं.
  • यह जिला महात्मा बुद्ध, महावीर स्वामी (छठे तीर्थंकर श्री पद्मप्रभ की जन्मस्थली) और सम्राट अशोक के युगों से जुड़े ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को दर्शाता है.
  • ऐतिहासिक रूप से, कौशांबी वत्स देश की राजधानी थी, एक प्रमुख महाजनपद और गंगा नदी के किनारे स्थित होने के कारण एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और व्यापारिक केंद्र था.
  • वत्स महाजनपद के प्रसिद्ध शासक राजा उदयन ने कौशांबी को एक शक्तिशाली और समृद्ध केंद्र के रूप में स्थापित किया, जिससे पूरे एशिया में व्यापक व्यापार मार्गों की सुविधा मिली.
  • कौशांबी अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विकासशील जिले के रूप में पहचान बना रहा है, जो प्रयाग से भी पहले की समृद्ध विरासत को समेटे हुए है.

More like this

Loading more articles...