कौशांबी: 'दूध मिल जाता था, पानी नहीं', इस गांव में रेगिस्तान जैसा जल संकट, पलायन को मजबूर लोग.
कौशांबी: 'दूध मिल जाता था, पानी नहीं', इस गांव में रेगिस्तान जैसा जल संकट, पलायन को मजबूर लोग.
- •कौशांबी के बराइन का पुरवा गांव में खारे पानी की समस्या गंभीर है, जिससे लगभग 40-50 घरों के लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं.
- •गांव के हैंडपंप और कुओं से खारा पानी निकलता है, जिससे पीने योग्य पानी की कमी के कारण दैनिक जीवन चुनौतीपूर्ण हो गया है.
- •पानी की कमी के कारण लगभग 80% ग्रामीण दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों में रोजगार और बेहतर जीवन की तलाश में पलायन कर चुके हैं.
- •2023 में 'हर घर नल योजना' के तहत नल पहुंचे और 2025 से पानी मिलना शुरू हुआ, लेकिन बिजली न होने या पाइप फटने पर समस्या फिर से आ जाती है.
- •ग्रामीणों को खाना बनाने या पीने के लिए एक किलोमीटर दूर सरकारी सबमर्सिबल पंप से पानी लाना पड़ता था, या फिर RO पानी खरीदना पड़ता है.