शांति भूषण पांडे 
लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश
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News1828-01-2026, 22:41

खीरी में 15 हाई रिस्क ज़ोन चिन्हित, सड़क हादसों पर लगेगी लगाम, आधुनिक तकनीक का होगा इस्तेमाल.

  • लखीमपुर खीरी प्रशासन ने पिछले 3 सालों में अधिक दुर्घटनाओं और यातायात नियमों के उल्लंघन के कारण 15 हाई रिस्क स्थानों को चिन्हित किया है, जिनमें हाई-रिस्क कॉरिडोर, हाई-डेंसिटी कॉरिडोर और क्रिटिकल जंक्शन शामिल हैं.
  • इन स्थानों पर सड़क हादसों को रोकने और यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे ANPR कैमरे, स्पीड डिटेक्शन कैमरे, AI-आधारित यातायात उल्लंघन प्रणाली, रेड लाइट डिटेक्टर और CCTV लगाए जाएंगे.
  • यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, और नई तकनीक दुर्घटना के बाद भागने वाले ड्राइवरों की पहचान करने और उन पर कार्रवाई करने में मदद करेगी, जिससे विवादों का समाधान आसान होगा.
  • हाई-रिस्क क्षेत्रों में धौरहरा का सिसैया चौराहा, सदर कोतवाली का पंडित दीनदयाल चौराहा, मोहम्मदी का गोमती मोड़, सदर कोतवाली का लालपुर बैरियर तिराहा और फरधान का मनिका तिराहा शामिल हैं, जहाँ महत्वपूर्ण दुर्घटनाएँ और मौतें हुई हैं.
  • लखीमपुर शहर का एलआरपी चौराहा जैसे हाई-डेंसिटी क्षेत्र और महेवागंज तिराहा, राजापुर चौराहा, सुनसी मोड़ ओयल और छौछ चौराहा जैसे क्रिटिकल जंक्शन भी सुरक्षा उन्नयन प्राप्त करेंगे.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: लखीमपुर खीरी सड़क हादसों को कम करने के लिए 15 दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में उन्नत तकनीक लगा रहा है.

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