मिर्जापुर का दिल घंटाघर: लंदन से आई घड़ी, आज भी गूंजती है आवाज.

मिर्ज़ापुर
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News18•30-12-2025, 21:08
मिर्जापुर का दिल घंटाघर: लंदन से आई घड़ी, आज भी गूंजती है आवाज.
- •मिर्जापुर का ऐतिहासिक घंटाघर, 1891 में अंग्रेजों द्वारा लाल बलुआ पत्थर से निर्मित, कभी शहर का समय बताता था और केंद्र बिंदु था.
- •इसमें लंदन की M/s Stan Bank से आई 1000 किलोग्राम की गुरुत्वाकर्षण-संचालित घड़ी और घंटी लगी है, जिसकी आवाज रात में एक किलोमीटर तक सुनाई देती है.
- •कभी उपेक्षित रहा यह टावर अब नगर पालिका द्वारा रंगीन रोशनी से संरक्षित है, जो रात में मनमोहक लगता है, हालांकि कुछ हिस्सों को और रखरखाव की आवश्यकता है.
- •गणेश मोदनवाल और रमेश चंद्र जायसवाल जैसे स्थानीय निवासी इसकी अनूठी विरासत, अनुपम कलाकृति और निरंतर संरक्षण व विकास की आवश्यकता पर जोर देते हैं.
- •"मिर्जापुर का दिल" कहे जाने वाले इस घंटाघर की आवाज से कभी नगरवासी जागते थे, जो शहर के लिए इसके गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मिर्जापुर का प्रतिष्ठित घंटाघर, लंदन से लाई गई घड़ी के साथ, एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर है जिसे संरक्षण की आवश्यकता है.
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