कार्टून-रील्स में उलझे बच्चे, देर से बोलना और चुप रहना बन रहा है नया खतरा
गाजियाबाद
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News1809-02-2026, 19:02

बच्चों में मोबाइल की लत बढ़ी, मानसिक और शारीरिक विकास पर गंभीर असर.

  • बच्चों में अत्यधिक मोबाइल उपयोग से बोलने की क्षमता, सुनने की शक्ति और एकाग्रता प्रभावित हो रही है, जिससे देर से बोलना और सीमित शब्दावली हो रही है.
  • कार्टून, रील्स और गेम में लगातार व्यस्त रहने के कारण बच्चे पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और यहां तक कि खाना खाने से भी कतरा रहे हैं.
  • श्री ठाकुर बालिका विद्यालय की प्रधानाचार्य पूनम शर्मा ने मोबाइल की लत के खतरों पर प्रकाश डाला, जिसमें भारत सिटी सोसाइटी आत्महत्या जैसे चरम मामलों का हवाला दिया गया है.
  • उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस की तरह मोबाइल फोन तक पहुंच के लिए एक आयु सीमा निर्धारित करने का सुझाव दिया, ताकि लत को रोका जा सके.
  • बच्चों का समर्थन करने और दुखद घटनाओं को रोकने के लिए परामर्श, जीवन कौशल शिक्षा और समय पर संचार महत्वपूर्ण हैं.

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